समुदाय संचालित सम्पूर्ण स्वच्छता पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षको की प्रशिक्षण कार्यशाला (सी० एल० टी० एस०)

समुदाय आधारित संपूर्ण स्वच्छता CLTS समुदायों को सशक्त बना कर पूरी तरह से खुले में शौच की प्रथा को खत्म करने के लिए एक अभिनव प्रयोग है। यह समुदाय के भीतर या बाहर से प्रशिक्षक द्वारा प्रेरित कर सामूहिक स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन पर केंद्रित है। CLTS के अन्तर्गत शौचालय निर्माण हेतु सब्सिडी तथा शौचालय के माडल डिजाइन को प्रथमिकता नहीं दी जाती है। वर्तमान में खुले में शौच की समस्या के समाधान के पारंपरिक तरीके से साफ-सफाई के बारे में लोगों को शिक्षित करने और शौचालय निर्माण हेतु प्रोत्साहित करना हैै। धन का एक बहुत बड़ा भाग सब्सिडी और स्वच्छता सुविधाओं के निर्माण पर खर्च किया गया है, परन्तु परिणाम संतोषजनक नहीं रहा है। सामुदाय आधारित संपूर्ण स्वच्छता के द्वारा यह तय किया जाता है कि समुदाय तभी खुले में शौच मुक्त होगा जब समुदाय का एक एक व्यक्ति को पे्ररित कर यह महसूस कराया जाता है खुले में शौच करना गलत आदत है इसको प्रत्येक दशा में बन्द किया जाना आवश्यक है। सही मायने में स्वच्छ शौचालय उनके लिए एक जरूरत है तभी समुदाय खुले में शौच मुक्त (ODF) बन सकता है। दूसरे शब्दों में, स्थायी स्वच्छता को प्राप्त करने हेतु समुदाय को बाहर से मजबूर नहीं किया जा सकता है, समुदाय को जागरूक करना चाहिए। CLTS के द्वारा बताया जाता है कि खुले में शौच कई रोगों और स्वास्थ्य के खतरों का प्राथमिक कारण है। इस प्रक्रिया में पूरे समुदाय को शामिल करते हैं और अवगत कराते हैं कि खुले में शौच बन्द करने से आर्थिक लाभ भी होगा। यदि समुदाय का एक भी व्यक्ति खुले में शौच करता है तो हर किसी को रोग का खतरा बना रहता है। समुदाय द्वारा फैसला लिया जाता है कि समुदाय कब अपने क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त करेगा।

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