राम मनोहर लोहिया पंचायत सशक्तीकरण योजना

डाॅ. राम मनोहर लोहिया पंचायत सशक्तीकरण योजना, राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2015-16 में पूर्णतः राज्य सरकार के वित्तीय सहयोग से परिकल्पित (concieved) की गयी है।

योजना का उद्देश्य

1- पंचायतों में ई-गवर्नेन्स की स्थापना करना।
2- पंचायतों में ई-गवर्नेन्स की उत्तरोत्तर वृद्धि किया जाना।
3- पंचायतों की सशक्तीकरण हेतु तकनीकी सहायता प्रदान करना।
4- पंचायतों का प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता विकास करना।

योजना के घटक/गतिविधियाँ

1- राज्य कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई हेतु परामर्शी एवं कर्मी।
2- जनपद कार्यक्रम प्रबन्धन इकाइयों हेतु परामर्शी।
3- जनपद कार्यक्रम प्रबन्धन इकाईयां हेतु डेस्कटॉप कम्प्यूटर सिस्टम।
4- ई-गर्वनेन्स के अन्तर्गत विकसित सॉफ्टवेयर पर प्रशिक्षण।

योजना के संचालन हेतु समितियों का गठन

राज्य स्तर पर निम्नलिखित दो समितियों के माध्यम से योजना का संचालन एवं अनुश्रवण किया जाता है।
(क)- ई-पंचायत स्टेट रिव्यू कमेटी:- शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग, उ.प्र. की अध्यक्षता में ‘ई-पंचायत स्टेट रिव्यू कमेटी’ का गठन किया गया है। (ख)- कार्यकारी समिति:-निदेशालय स्तर पर निदेशक महोदय की अध्यक्षता में ‘कार्यकारी समिति’ का गठन किया गया है।

57691

Gram Panchayats

826

Block Panchayat

75

District

56,642

Panchayat Bhawan

हमारे बारे में

पंचायती राज व्यवस्था (उ० प्र०) में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, और जिला पंचायत आते हैं। पंचायती राज व्यवस्था आम ग्रामीण जनता की लोकतंत्र में प्रभावी भागीदारी का सशक्त माध्यम है। 73वाँ संविधान संशोधन द्वारा एक सुनियोजित पंचायती राज व्यवस्था स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। 73वां संविधान संशोधन अधिनियम के लागू होते ही प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के पंचायत राज अधिनियमों अर्थात् उ.प्र. पंचायत राज अधिनियम-1947 एवम् उ.प्र. क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम-1961 में अपेक्षित संशोधन कर संवैधानिक व्यवस्था को मूर्तरूप दिया गया। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1995 में एक विकेन्द्रीकरण एवं प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया था

विभागीय उपलब्धियाँ